जैन ने पंचायत सचिव को कार्य में रुचि नही लेने से नोटिस जारी करने के दिये निर्देश

इंदौर
इंदौर ग्रामीण में शहरी सीमा और हाइवे स्थित ग्राम पंचायतों में आज स्वच्छता के लिये हल्ला बोल शुरू हुआ । स्वच्छता गतिविधियों का जायजा लेने के सीईओ जिला पंचायत श्री सिद्धार्थ जैन आज सुबह 8 बजे देवगुराड़िया ग्राम पंचायत पहुँचे। उन्होंने यहाँ गाँव की गलियों का निरीक्षक किया। निरीक्षण में सनावदिया रोड पर कचरे के ढेर पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की तथा तत्काल मशीन बुलवाकर सफाई शुरू कराई। सुबह से ही ग्राम पंचायत में स्वच्छता के लिये ग्राम पंचायत के कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों द्वारा भ्रमण कर पहले से पड़े कचरे के ढेरों को चिन्हित कर सफाई कराई गई। समस्त शासकीय अमले के साथ ग्रामीणों ने अपने गाँवो को स्वच्छ बनाने के लिये घरों से निकलकर गलियों और रोड साइड की सफाई शुरू कराई।
श्री जैन द्वारा पंचायत के सेग्रीगेशन शेड का भी निरीक्षण किया गया जहां प्रक्रिया अनुसार कार्य नही करने से काम कर रहे एनजीओ को चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह में सुधार कर मानक प्रक्रिया अनुसार कार्य नही करते है तो संस्था को ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की जायेगी।
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत खुड़ैल खुर्द में पाया गया कि ग्राम पंचायत में कचरा गाड़ी बंद है,इस हेतु पंचायत सचिव को कार्य मे रुचि नही लेने से नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये।
ग्राम पंचायत काजी पलासिया क्षेत्र में अत्यधिक कचरे के ढेर पाये जाने से इन्हें भी कार्य में लापरवाही के लिये नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये। ग्राम पंचायत खुड़ैल खुर्द में रहवासियों ने अवगत कराया कि फैक्ट्री का दूषित पानी नदी में डाल रहे इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दंडात्मक कार्यवाही करने एवं इसकी रोकथाम के निर्देश दिये गये। श्री जैन ने बताया कि आज सभी चिन्हित 32 पंचायतो में स्वछता गतिविधयां की गई। यह लगातार एक माह तक जारी रहेगी। जिला स्तर से 21 जिला स्तरीय अधिकारियों एवं 30 खंड स्तरीय अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के लिये नियुक्त किया गया है। आगामी एक माह में इन ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की स्थायी व्यवस्था निर्मित कर स्वछता को स्थाई बनाया जायेगा। भ्रमण में परियोजना अधिकारी श्री मुकेश वर्मा, सीईओ जनपद पंचायत इंदौर श्री अशोक मालवीय पीसीओ एवं पंचायत सचिव आदि उपस्थित थे ।
उल्लेखनीय है विगत दिवस सीईओ जिला पंचायत इंदौर सिद्धार्थ जैन द्वारा शहरी सीमा एवं हाइवे स्थित पंचायतो में गंदगी के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुऐ ऐसी 32 पंचायतो के सचिव,सरपंच एवं अन्य अधिकरियों की बैठक आयोजित कर नियमित सफाई किये जाने और प्रभावी सफाई व्यवस्था बनाने के सख्त निर्देश दिये थे।
