सफलता की कहानी
योजना की राशि से हुई जमापूंजी को स्वरोजगार में बदला

राज्य शासन द्वारा प्रदेश की महिलाओं के कल्याण और आर्थिक आय में वृद्धि के लिए चलायी जा रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से कई महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। उनके जीवन की आर्थिक स्थिति में सुधार और सकारात्मक बदलाव आ रहा है। महू तहसील के हासलपुर वार्ड 13 निवासी श्रीमती गीताबाई और सोमनाथ की चाल में रहने वाली सारिका वर्मा ने योजना की राशि से जमापूंजी बनाई। योजना की राशि से बनी जमापूंजी को अवसर में बदला और अपने ही वार्ड व चाल में स्वरोजगार स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने इस राशि को परिवार के लिए अवसर में बदला। अब दोनों बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव होने लगा है।
लाड़ली बहना योजना जून 2023 से लाभांवित हो रही श्रीमती गीता बाई ने बताया कि योजना से प्राप्त धनराशि से मैंने कुल 30 हजार 750 रुपये की राशि एकत्रित कर क्षेत्र में एक छोटी-सी किराना दुकान शुरू कर अपना खुद का व्यवसाय प्रारंभ किया। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया। किराना दुकान से आमदनी बढ़ने से अब वो अपने परिवार के साथ सुखी और खुशहाल जीवन जी रही है। परिवार में चार बच्चे हैं और सभी का अच्छे से पालन-पोषण हो रहा है। मैं अपने पति को अब हर कार्य में पैसों से मदद करने लगी है।

*श्रीमती सारिका वर्मा किराना दुकान के खुलने से बनी आत्मनिर्भर*
ऐसे ही इंदौर जिले की सोमनाथ की जूनी चाल निवासी श्रीमती सारिका वर्मा हैं, जो जून 2023 से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से लाभान्वित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्राप्त धनराशि को एकत्रित कर उससे एक सिलाई मशीन खरीदी, जिससे अच्छी आमदनी हो रही है। साथ ही इस राशि से तीनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी आसानी से निकल रहा है। परिवार का पालन-पोषण भी ठीक प्रकार से हो रहा है। उनके जीवन में आर्थिक और सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती सारिका वर्मा अब अपने पति को भी आर्थिक सहयोग कर पाती है।
श्रीमती सारिका वर्मा ने बताया कि जब मैं लाड़ली बहना योजना से नहीं जुड़ी थी, तब मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। घर-परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार मैं अपने बच्चों की पढ़ाई की फीस भी समय पर जमा नहीं करा पाती थी। अब स्थिति में सुधार आई है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद देना चाहती है, जिन्होंने लाड़ली बहना योजना संचालित कर महिलाओं के जीवन को सशक्त बनाया।
