इंदौर। बाणगंगा थाना पुलिस ने नाबालिग लड़कियों की सौदेबाजी कर उनकी फर्जी शादी कराने और फिर रुपए व गहने हड़पने वाले एक शातिर अंतरजिला गिरोह का पदार्फाश किया है। पुलिस ने मामले में गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता और फर्जी दूल्हे व उसके पिता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। वहीं गिरोह में शामिल एक महिला समेत पांच अन्य फरार सदस्यों की तलाश में पुलिस टीमों को रवाना किया गया है। एसीपी रुबीना मिजवानी ने बताया कि बाणगंगा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जब पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, तो एक बड़े मानव तस्करी और फर्जी विवाह रैकेट का खुलासा हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित बचाकर परिजनों के सुपुर्द किया और गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू यादव निवासी मूसाखेड़ी, रामविलास उर्फ राकेश यादव निवासी वृंदावन कॉलोनी, फर्जी दूल्हा बने संजू पाटीदार निवासी बड़ावदा, जिला रतलाम और उसके पिता नंदराम पाटीदार के रूप में हुई है।जांच में सामने आया कि गिरोह के मुख्य षड्यंत्रकर्ता संजय यादव और रामविलास ने पीड़िता की कमजोर आर्थिक स्थिति और पारिवारिक मजबूरी का फायदा उठाया था। आरोपियों ने उसे जल्द अमीर बनने और नया मकान खरीदने का लालच देकर झांसे में लिया। आरोपियों ने उससे कहा कि शादी के बाद लाखों रुपये मिलेंगे, जिसमें से उसे भी बड़ा हिस्सा दिया जाएगा। इसके बाद गिरोह ने पीड़िता के पहचान पत्र में जन्मतिथि में हेरफेर कर उसे बालिग दशार्या और खुद फर्जी रिश्तेदार बनकर ३ लाख रुपये में उसकी सौदेबाजी कर शादी रचा दी। एसीपी के मुताबिक, इस नेटवर्क में शामिल सोनू बंजारा, किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लालसिंह गुर्जर और बाबू दादा फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, जिससे इस गिरोह द्वारा पूर्व में की गई अन्य वारदात और फर्जी शादियों के खुलासे होने की प्रबल संभावना है।
