इंदौर एरोड्रम पुलिस ने बुजुर्ग महिला को मकान बेचने का झांसा देकर २० लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़िता की जनसुनवाई में की गई शिकायत और प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, अखंड नगर निवासी मंजू वर्मा ने कृष्णबाग कॉलोनी स्थित १५ध्४५ वर्ग फीट का ग्राउंड फ्लोर मकान खरीदने का सौदा किया था। इस दौरान आरोपी राजू नरवरिया ने संदीप उर्फ गोलू राठौर, पंकज यादव और अन्य साथियों के साथ मिलकर खुद को मकान का मालिक बताया। झांसे में आकर पीड़िता ने दिसंबर २०२४ से मार्च २०२५ के दौरान अलग-अलग किस्तों में २० लाख आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।रकम ऐंठने के बाद आरोपी रजिस्ट्री कराने में बहानेबाजी करने लगे। महिला ने जब पड़ताल की तो पता चला कि मकान राजू नरवरिया का है ही नहीं, बल्कि उसका असली मालिक रमण कोठना है, जिसने इसे २०१२ में ताराबाई से खरीदा था। ठगी उजागर होने पर जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। मई २०२५ में आरोपी शुभम कुशवाह ने फोन पर पीड़िता को सीधे पैसे हजम करने की बात कह डाली। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शुभम और उसके साथी पहले भी जालसाजी के मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं। एरोड्रम पुलिस ने संदीप उर्फ गोलू, पंकज यादव, राजू नरवरिया, शुभम कुशवाह और राकेश प्रजापत के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
